तलाक और तलाक भत्ता: कैसिएशन कोर्ट के फैसले संख्या 24995/2023 पर विचार

कैसिएशन कोर्ट के हालिया आदेश संख्या 24995, दिनांक 22 अगस्त 2023, ने तलाक भत्ते के संबंध में महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण प्रदान किए हैं, जो पारिवारिक कानून का एक केंद्रीय विषय है। इस मामले में ए.ए. और बी.बी. के बीच विवाद था, जिसमें पहले वाले ने आर्थिक आवश्यकता का दावा करते हुए तलाक भत्ते की मान्यता का अनुरोध किया था। हालांकि, कोर्ट ने स्थापित न्यायिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए और साक्ष्य के महत्व पर जोर देते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

तलाक भत्ते के लिए आवश्यकताएँ

कोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि तलाक भत्ते की मान्यता स्वचालित नहीं हो सकती है, बल्कि विशिष्ट आवश्यकताओं पर आधारित होनी चाहिए, जिनमें शामिल हैं:

  • अनुरोध करने वाले पूर्व पति/पत्नी के आर्थिक साधनों की अपर्याप्तता;
  • वस्तुनिष्ठ कारणों से आजीविका के साधन प्राप्त करने में असमर्थता;
  • पक्षों की आर्थिक-वित्तीय स्थितियों का तुलनात्मक मूल्यांकन।
न्यायाधीश को पारिवारिक जीवन के संचालन और सामान्य संपत्ति के निर्माण में प्रत्येक पति/पत्नी के योगदान पर विचार करना चाहिए।

कैसिएशन कोर्ट का निर्णय

इस मामले में, ट्यूरिन की अपील कोर्ट ने पहले ही ए.ए. के आर्थिक स्थिति और बी.बी. की तुलना में आय में कथित असमानता के प्रमाण की कमी के कारण उनके अनुरोध को खारिज कर दिया था। कैसिएशन ने इस दृष्टिकोण की पुष्टि की, इस बात पर जोर देते हुए कि साक्ष्य का भार आवेदक पर पड़ता है, जिसे न केवल अपने साधनों की अपर्याप्तता, बल्कि उन्हें प्राप्त करने में असमर्थता को भी साबित करना होगा। कोर्ट ने संयुक्त खंडों के फैसले संख्या 18287, दिनांक 2018 का उल्लेख किया, जिसमें दोनों पति/पत्नी की वित्तीय और आय की स्थितियों का गहन विश्लेषण करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।

अंतिम विचार

यह आदेश तलाक भत्ते से संबंधित न्यायिक प्रवृत्ति की एक महत्वपूर्ण पुष्टि का प्रतिनिधित्व करता है। कोर्ट ने दोहराया कि भत्ते के अनुरोध को उचित ठहराने के लिए केवल आय में असमानता पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक विस्तृत विश्लेषण और आर्थिक स्थिति का ठोस प्रमाण आवश्यक है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य पति/पत्नी के बीच अधिक निष्पक्षता सुनिश्चित करना है, दुरुपयोग और निराधार अनुरोधों से बचना है।

बियानुची लॉ फर्म